दास धर्म समाज द्वारा महाशिवरात्रि का पावन त्यौहार श्रद्धा वधूमधाम से रोहिणी दरबार में मनाया गया। दास धर्म समाज के संचालक संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज जी द्वारा संगत को प्रवचन सुनाते हुए कहा कि सृष्टि के रचयिता महादेव भोलेनाथ कण-कण में बसते हैं । महादेव ने दुनिया को बचाने के लिए खुद अपने कंठ में विष ग्रहण किया गया था ताकि दुनिया में किसी तरह का कोई संकट न आ सके।
संत त्रिलोचन दर्शन दास जी ने कहा कि महादेव ने पूरी दुनिया की रचना की है जिसके बाद इस दुनिया में लोगों का आदान-प्रदान शुरू हुआ।महादेव की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले हर व्यक्ति को मुंहमांगा फल प्राप्त होता है, इसलिए जो भी व्यक्ति सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा करेगा उसे जिंदगी में कभी भी कष्ट नहीं सहने पड़ेंगे। इस अवसर पर संत त्रिलोचन दर्शन दास जी द्वारा भगवान भोलेनाथ की महिमा का विस्तार पूर्वक संगत को गुणगान किया गया। समागम दौरान संगत को अटूट लंगर की सेवा की गई।
इस मौके पर हरविंदर सिंह हैरी भोगल, दास गुर्जरमल बिटटा, दास दीपक बंटी करनैल सिंह थिंद, बाबा ओम प्रकाश सैनी, मनीष खुराना, दास कोमल शर्मा, अनिल खुराना, राजेश अरोड़ा लुधियाना, हरजिंदर सिंह जालंधर आदि उपस्थित थे।













